भारत की सीमा (India's Border ):
उतर, उतर-पश्चिम, तथा उतर -पूर्व मे हिमालय, दक्षिण मे हिन्द महासागर, पश्चिम कच्छ ओर राजस्थान का रणतथा पंजाब के फ़लद्रुप मेदान से घेरा हुआ भारत को स्थणीय तथा दरियाइ एसे दो नो सीमा अए है lस्थणीय सीमा (Land border) :
भारत अपने 7 पडोशी देशो साथ अन्दाजन 15,106.7 km लंबी स्थलीय सीमा से जोडा हुआ है l जिस मे पश्चिम तथा उतर -पश्चिम मे पाकिस्तान, उतर - पश्चिम मे अफ़ग़ानिस्तान, उतर मे चीन, नेपाल और भूटान तथा पूर्व मे बांग्लादेश ओर म्यानमार का समावेश होता है l भारत के कुल 18 राज्यो कि सीमा पडोशी देशो को स्पर्शती हैॣl
भारत सबसे बडी लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ ओर सबसे छोटी सीमा अफ़ग़ानिस्तान के साथ है l
चीन के साथ 3488 km सरहद जोडी हुइ है l भारत देश की कुल सरहद का 23.09% है l चीन की सीमा को स्पर्श करते राज्यो मे लदाख, हिमाचल प्रदेश , उतराखन्ड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश जेसे राज्यो का समावेश होता है l सबसे लंबी सरहद लद्दाख की 1954 km है l
पाकिस्तान के साथ 3323 km सरहद जोडी हुइ है l भारत देश की कुल सरहद का 22.00% है l पाकिस्तान की सीमा को स्पर्श करते राज्यो मे लदाख, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मु कश्मीर जेसे राज्यो है l सबसे लंबी सरहद राजस्थान 1048 km है l
नेपाल देश के साथ 1751 km सरहद जोड़ी हुइ है l भारत देश की कुल सरहद का 11.60% है l नेपाल की सीमा को स्पर्श करते राज्यो मे उतराखन्ड, उतरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम जेसे राज्यो है l सबसे लन्बी सरहद उतरप्रदेश 651 km है l
म्यानमार के साथ 1643 km सरहद जोडी हुइ है l भारत देश की कुल सरहद का 10.88%है l म्यानमार की सीमा को स्पर्श करते राज्यो मे अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मणिपुर, मिजोरम जेसे राज्यो है l सबसे लंबी सरहद अरुणाचल प्रदेश 577 km है l
भूटान के साथ 699 km सरहद जोडी हुइ है l भारत देश के कुल सरहद का 4.62% है l भूटान की सीमा को स्पर्श करते राज्यो मे पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश है l सबसे लंबी सीमा असम 294 km है l
अफ़ग़ानिस्तान के साथ 106 km सरहद जोडी हुइ है l भारत देश के कुल सरहद का 0.70% है l लदाख अफ़ग़ानिस्तान को जुडा हुआ है l
भारत - बांग्लादेश सीमा ( The India -Bangladesh Border)
भारत के पड़ोसी देशों मे बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी सीमा जिडी है l जिस की लन्बाइ 4096.7 km है l जो भारत के 5 राक्यो पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, ओर मिजोरम के साथ जुडी हुइ है l
भारत बांग्लादेश के बीच की सीमा का वितरण रेड क्लिफ़ चुकादा के आधार पर विभाजन हुआ है l क्यु की 1971 से पहले बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान के तोर पर पहचाना जाता था l
दो नो देशों के बीच कोइ खास सीमा विवाद नहीं है l लेकिन छोटे छोटे 4 बिवाद थे l जिस के लिए न्यायाधीकरण मे अपील की गए थी l
प्रथम विवाद बांग्लादेश का राजश्री जिल्ला के ओर भारत के पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिल्ले के बीच था l यहा गंगा नदी बारबार रास्ता बदलती रहेती है, इस लिए वहां विवाद होता रहेता है l
दूसरा विवाद करीमपुर जिले भारत का or बांग्लादेश का दौलतपुर के बीच मे है l रेड्क्लिफ़ चुकादे मे संशोधन करके आन्तरराष्टीय सीमा माताभन्गा नदी के बीच किॅ गई थी l इससे बांग्लादेश कि 13 वर्ग km का विस्तार मिला है l
तीसरा विवाद भारत के गारो, खसी, ओर जेन्तिया पहाड़ी जिला तथा बांग्लादेश के सिलहट जिले के बीच गाढ जंगल विस्तार होने के कारण सीमा रेखा का विवाद है l गाढ जंगल होने के कारण सीमा रेखा निस्चित करना मुश्किल है l चोथा विवाद बांग्लादेश के बारीसारी जिले ओर असम के गोविंदपुर जिले के बीच है l
इसे तो तमाम विवाद सकारात्मक दिशा में आगे बढे है, दोनो देशों ने 6 सप्टेम्बर, 2011 के दिन कुछ अन्कलेव का आदानप्रदान के लिए तैयार हुए थे l इस लिए भारत ने 100 वा बन्धारणीय सुधारा, 2015 मे किया गया है l जिस अंतर्गत भारत को 51 अन्कलेव मिले l जब की बांग्लादेश को 111 अन्कलेव मिले l
बांग्लादेश के साथ सीमा वाले विस्तार मे अवैध प्रवासी की समस्या बडी है l बांग्लादेश से होने वाला प्रवासन पडोशी राज्यो मे सामाजिक, आर्थिक, ओर सांस्कृतिक समस्या उत्पन्न होती है l
भारत -चीन सीमा ( The India China Border) :
भारत चीन के साथ 3488 km लंबी सरहद रखता है l जो की कुल सीमा की लगभग चोथे भाग की सीमा है l बांग्लादेश के बाद चीन दुसरे नंबर की लंबी सरहद है l
लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उतराखन्ड, सिक्किम ओर अरुणाचल प्रदेश चीन के साथ सीमा से जुडा हुआ है l यह सीमा मन्चु नीति, चाइनीज़ रिपब्लिक नीति, ओर ब्रिटेश नीति के आधार के उपर नक्की हुइ है l
दुर्गम भूप्रदेश तथा प्रतिकुल वातावरण के कारण वह सीमा का जमीन पर सीमांकन करना मुश्किल कार्य होनेसे भारत ओर आजाद तिबेट के बीच अशुध्द स्वरूप मे सीमांकन कीया गया था l चीनने वह सीमा को अधिकारीक रुप मे स्वीकार नही किया था l लेकिन ब्रिटीश शासन समय यह विवाद टाल ने मे आया था l
15,ओगष्ट 1947 मे भारत आजाद हुआ था l तथा 1,ओक्टोबर, 1949 मे चीन पर साम्यवादी शासन कारण दोनो देशो के बीच मे सदभावना पूर्वक सन्बधो मे विकसित हुई थे l वर्ष 1954 मे वडाप्रधान जवाहरलाल नेहरू के प्रयासों के कारण एक करार हुआ जो पंचशील करार था l
वह वर्ष भारत ने तिबेट पर चीन का सार्वभौमिकता को मान्यता प्राप्त हुई l ओर चीन ने तिबेट पर कब्जा किया l एसे बफ़र जोन तिबेट दूर होने से भारत -चीन के बीच पतली सरहदी सीमा संचालित हुइ l
भारत द्वारा तिबेट ना आन्तरीक मामले मे दखलगीरी के बहाने, बदला लेने के लिए चीन ने 1962 मे भारत पर हमला किया था l
सायनो -इन्डियन सरहद सामान्य रुप से 3 विभाग को मे विभाजित किया गया है l
- पश्चिम विभाग
- मध्य विभाग
- पूर्व विभाग
1.पश्चिम विभाग (The Western Sector)
भारत के लदाख ओर चीन के शीनकिआन्ग प्रान्त को अलग करते है l शीनकिआन्ग ओर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बीच मे लगभग 480 km की सीमा है l तथा बाकी की सीमा लदाख ओर तिबेट के बीच है l
यह सीमा लदाख -तिबेट करार 1665 ओर 1686 की संधि द्वारा सीमांकित हुइ थी l लेकिन यह सीमा को कभी भी चोक्साइ से रेखाकित किया गया नही है l जिससे भारत ओर चीन के बीच विवाद होता रहता है l
चीन दावा कर रहा है कि अक्साइ चीन भाषाकिय, धार्मिक ओर सांस्कृतिक तोर से तिबेट का विस्तृत भाग है l जबकी भारत का दावा है की यह क्षेत्र इतिहासीक तोर पर जम्मु कश्मीर द्वारा 1849 से शासित था l ओर 1665,1686,ओर 1892 के अलग अलग इन्डो -तिबेट संधि द्वारा इस की सीमा निर्धारित किया गए थी l
1954 से चीन बारबार आंतरराष्ट्रीय सीमा उल्लंघन करके घुसण खोरी करता रहेता है l वर्ष 1962 मे युद्ध करके चीन भारत की सीमा मे अंदर तक घुस आया था l वर्तमान मे चीन सीमा से 16 से 240 km तक चीन द्वारा अधिग्रहण किया गया है l
जिस मे चीनने भारत का 54000 वर्ग km जीतना विस्तार कब्जा के बेठा है l जो अक्साइ चीन के नाम से पहचाना जाता है l
वर्ष 1962 के भारत चीन युद्ध बाद अनौपचारिक युद्ध विराम रेखा का सीमांकन कीया गया जो LAC (Line of Actual Control) के तोर पर पहचाना जाता है l लेकिन भारत ओर चीन के बीच अधिकारीक रुप आजतक कोइ भी निस्चित सरहद तय की गए नहीं हैं l
गलवान घाटी विवाद (Galwan Valley Dispute) :
भारत का लदाख अक्साइ चीन बीच गलवान नदी के पास गलवान घाटी कहेते है l वर्ष 2020मे भारत चीन की सैना के बीच हिंसक जडप हुइ थी l ओर जानमाल का नुकसान हुआ था l
चीन का दावा है कि संपूर्ण गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC के पास चीन के हिस्से वाले भाग पर स्थित है l जिससे वह चीन का हिस्सा हैं l लेकिन भारत ने उस हिस्से पर भारत का भाग हैं ओर चीन की दलील नकार दी है l
दोनो देशों के बीच 1962 से गलवान घाटी तनाव का मुद्दा बना रहा है l लेकिन 1962 के बाद यह प्रथम घटना है दोनों देशों के बीच टकराव होने से जानमाल को नुकसान हुआ हो l
2.मध्य विभाग ( The Middle Sector) :
भारत ओर चीन बीच मध्य विभाग की सरहद है l भारत के दो राज्यो हिमाचल प्रदेश ओर उतराखन्ड यह सीमा को स्पर्श करती हैं l यह सीमा पर भारत चीन के बीच कोइ विवाद नहीं है l
3.पूर्वी विभाग (The Eastern Sector) :
यह सरहद मेकमोहन रेखा तोर पर पहचानी जाती है l ब्रिटीश भारत के विदेश सचिव सर हेन्री मेक मोहन द्वारा 1913-14 मैं ब्रिटन ओर तिबेट के बीच शिमला सीमा करार किया गया था l इस यह सरहद मेकमोहन रेखा के तोर पर पहचानी जाती है l
यह रेखा सामान्य तोर पर हिमालय के उपरी भाग के समान्तर से पश्चिम तरफ़ भूटान से शुरू होके पूर्व मे म्यानमार तक विस्तार है l
भारत यह सीमा को आन्तरराष्ट्रीय सीमा के तोर पर गीनती है l जब की चीन यह रेखा को गेरकायदेसर गीनती है l ओर उसका स्वीकार करने को तैयार नहीं है l चीन का दाबा है की तिबेट को कोइ भी करार पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नही है l तोभी शिमला करार किया जो गेरकयदेसर है l
लेकिन भारत ने विरोध करके दावा किया है की तिबेट ने भूतकाल मे स्वन्तत्र रीत से अनेक करार पर हस्ताक्षर किए हैं ओर वह अमल मे भी है l
चीन मेकमोहन रेखा को गेरकायदेसर गिन के वह सीमा दक्षिण हिमालय के तलेटी तक है l चीन अरुणाचल के 88000 चोर. को. मी के समग्र प्रदेश पर दावा कर के दक्षिण तिबेट का भाग गीनता है l जिस का एडमिनीस्ट्रेशन
1947 से भारत द्वारा करने मे आ रहा है l
1950से भारत ओर चीन के संबंध मे तनाव की शरुआत हुए l 1959 मे एक छोटा सैन्य टकराव हुआ, बाद मे 1962 मे युद्ध हुआ ओर लद्दाख तथा अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र पर कब्जा किया l आश्चर्यजनक रुप से चीन ने पूर्वीय विभाग मे से सैन्य वापस बुला लिए l परंतु अक्साइ चीन क्षेत्र पर सैन्य परत नहीं लिए l
सीमा विवाद निवारण के लिए चीन ने एक पेकेज डील सूचीत की है, जिस मे भारत अक्साइ चीन पर चीन का आधिपत्य स्वीकारे, जिस बदले चीन मेक मोहन रेखा को आंतर राष्ट्रीय रेखा का स्वीकार करेंगे l
परंतु भारत sector by sector एप्रोच द्वारा तमाम विवाद को सुलझा ने पर ध्यान केंद्रित करेगा l क्युकी चीन ने रशिया तथा वियेतनाम के साथ सीमा विवाद सुलजाया गया है l
भारत -पाकिस्तान सीमा (The India-Pakistan Border) :
भारत पाकिस्तान के बीच की सरहद 1947 मे रेड्क्लिफ़ समिति के चुकादे के अंतर्गत हुए विभाजन का परीणाम है l
जो गुजरात के कच्छ के रण से शुरू होकर राजस्थान के रण, पंजाब, जम्मु कश्मीर ओर लदाख के काराकोरम पर्वत श्रेणी तक विस्तृत है l
यह सरहद पर पाकिस्तान ने बौहत सारे विवाद किया हुआ हैं l पंजाब को दो भागो मे विभाजित किया गया है l पूर्व पंजाब भारत में ओर पश्चिम पंजाब पाकिस्तान मे अस्तित्व मे आया है l इस की सीमा केनाल, रोड, रेल्वे लाइन, शहर, गाव खेत ओर धार्मिक स्थलो के बीच से होकर निकलती है l
जो संपूर्ण अप्राकृतिक है l उसका पूर्ण उदेश्य सांप्रदायिक विभाजन था l
कच्छ रण विवाद :
पाकिस्तान की सरहद कच्छ के बडे रण मे कुल 512km तक विस्तृत है l रेड्क्लिफ़ समिति के अनुसार कच्छ के रण की सीमा का व्यवस्थित रीत से सीन्माकन किया गया है l
लेकिन पाकिस्तान दावा कर रहा है कि रण को बराबर दो भागो मे विभाजित किया जाए क्युकि रण कोइ दलदल वाली जमीन नहीं है l लेकिन चारो ओर से घिरा हुआ है l
परंतु भारत का पक्ष यह है की कच्छ का रण हमेशा भारत का हिस्सा रहा हे ओर विभाजन के बाद भारत मे उसका विलय हुआ है l 20720 चो km के रण मे 9065 चो km पर पाकिस्तान आर्मी भारतीय सीमा मे घुस आइ थी l
इस विवाद को आंतर राष्ट्रीय अदालत मे ले जाया गया ओर चुकादे के तोर पर भारत पाकिस्तान को 906 चो km विस्तार d देगा l अनेक बार विरोध बाद आखिर दो नो देशो ने चुकादे का स्वीकार किया l
सरक्रीक विवाद :
सरक्रीक भारत के गुजरात ओर पाकिस्तान के सिन्ध प्रदेश के बीच कि सीमा बनाता है l यह क्षेत्र खनिज तेल तथा दरियाइ जीव स्रुष्टि से सम्रुध्द होने के करण दोनों देश अपने मे समाना चाहता है l जब से पाकिस्तान ने भारत के सरहद मे 40km क्षेत्र पर दावा किया हे तब से यह सतत विवाद मे है l
सरक्रीक कच्छ तथा सिन्ध प्रदेश के बीच जमीन तरफ़ आगे की ओर बढा हुआ 100km लन्बी पतली चेनल है l पाकिस्तान दावा कर रहा हे कि सीमा चेनल के पूर्व कीनारे है l जब कि भारत दावा करता है कि आंतर राष्ट्रीय नियम अनुसार यह सीमा चेनल के मध्यमे आइ हुइ है l
कश्मीर विवाद :
1947 का भारत उपमहाद्वीप के विभाजन होने बाद भारत ओर पाकिस्तान बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हुइ है l जम्मु कश्मीर के राजा हरिसिन्हे स्वतन्त्र रहने का निर्णय किया था l परंतु पाकिस्तान द्वारा जम्मु कश्मीर पर आक्रमण करने के बाद राजा हरिसिन्ह भारत के साथ विलय की संधि पर हस्ताक्षर किए l
इस दरमियान कश्मीर के उतर पश्चिम क्षेत्र गिलगित, बाल्टिस्तान जेसे विस्तार पर पाकिस्तान ने कब्जा किया था l
जिसे वर्तमान मे पाकिस्तान ओक्युपाइड कश्मीर के तोर पर जाना जाता है l अभी POK भारत ओर पाकिस्तान के बीच विवादीत क्षेत्र है l
1948 मे भारत के कश्मीर मुद्दे पर UN मे उठाया था l 1965,1971,1999 मे पाकिस्तान द्वारा तीन हमले किए गए थे l जिस मे तीनो हमले मे पाकिस्तान की पराजय हुइ है l
POK ओर भारत जम्मु कश्मीर ओर लद्दाख के बीच कि रेखा LOC ( line of control) के तोर पर पहचाना जाता है l UN, रेड क्रॉस जेसी संस्थाओ द्वारा यह क्षेत्र को POK पाक अधिकृत कश्मीर के तोर पर पहचाना जाता है l
सियाचीन ग्लेशियर विवाद :
सियाचीन ग्लेशियर 75 km लंबा तथा 2 से 8 km चोहडा ध्रुव क्षेत्र की बहार का सबसे बड़ा ग्लेशियर है l जो समुद्र की सपाटी से 5800 meter उंचाई पर 450 चो. की.मी. क्षेत्रफ़ल का विस्तार है l
लद्दाख क्षेत्र मे काराकोरम में से पसार होती चीन पाकिस्तान हाइवे के करीब होने के कारण रणनीतिक महत्व ज्यादा है l भारत ¾ ग्लेशियर क्षेत्र पर कब्जा किया हुआ है l
पाकिस्तान ने यहा पर एक क्षेत्र पर कब्जा किया हुआ है l उसके जवाब स्वरूप 1984 मे ऑपरेशन मेघदुत चलाया गया था l तबसे दोनों देशों के सैनिक हमेशा के लिए तैनात रखा जा रहा है l
इतनी उंचाई पर सामान पहचाना अत्यन्त खरचीला है l विषम आबोहवा तथा प्रतिकुल स्थान के करन दोनों देशों के सैनिक को की मौत होती है l दोनों देशों को साथ मे आके शान्तिपूर्ण समजुती करनी चाहिए जिस से वहा होने वाली जानहानी का नुकसान ना हो l
भारत - नेपाल सीमा :
नेपाल चीन ओर भारत के बीच आया हुआ लेन्ड्लोक देश है l पश्चिम मे उतराखन्ड से शुरू करके पूर्व मे सिक्किम तक भारत नेपाल के साथ 1751 km लंबी सरहद आइ हुए हैं l भारत के 5रज्यो उतरखन्ड, उतरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल ओर सिक्किम नेपाल के साथ सीमा बनाता है l भारत - नेपाल सीमा ज्यादातर शिवालिन्क हिमालय की तणेटी को समान्तर पूर्व से पश्चिम मे विस्तारित है l
नेपाल ओर भारत के बीच कालापानी क्षेत्र को लेके विवाद हुआ है l काली नदी के तट पर 3600 मीटर् की उंचाई पर आया हुआ कालापानी क्षेत्र है l भारत का दावा है कि उतराखन्ड के पिथोरागढ जिल्ला का हिस्सा और नेपाल द्वारा दावा है कि नेपाल का धारचुला जिले का हिस्सा हैं l
भारत द्रारा कैलाश मान सरोवर की यात्रा के लिए लीपुलेख घाट होके नया रास्ते का उदघाटन किया गया जिस पर नेपाल द्वारा विरोध करने मे आया और अपना नया नकशा दिखाया जिस मे कालापानी, लिम्पियाधारा और लिपुलेख को नेपाल का नक्शे मे दर्शाया गया है l
भारत - म्यानमार सीमा :
भारत -म्यानमार के बीच 1643km लंबी सरहद है l जो उतर मे भारत -म्यानमार -चीन ट्राइन्जक्शन से शुरू होता है l ओर मिजोरम के दक्षिण के छोड तक विस्तृत है l कुच छोटे विवाद को बाद करके दोनों देशों के बीच यह सीमा हमेशा शान्त और मैत्रीपूर्ण है l भारत के अरुनाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मणिपुर, और मिजोरम एसे 4 राज्यो म्यानमार के साथ सरहद बनाते हैं l
भारत म्यानमार के साथ कालादानी मल्टी - मोदल ट्रान्जीट ट्रन्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए करार किया है l जो अंतर्गत भारत मे से कोलकाता पाससे माल सामान समुन्दर के माध्यम से मिजोरम राज्य तक पहुंचना आसान होगा l इससे भारत के पूर्वोतर राज्यो के साथ कनेक्टीवीटी बढेगी तथा एक नया वैकल्पिक मार्ग खुलेगा l
भारत भुटान सीमा :
भुटान भारत के ओर चीन के साथ बफ़र देश के तोर पर 699 km सरहद एकदम शांत है l दोनों देशों के बीच कोइ विवाद नहीं है l भारत के सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, ओर अरुणाचल प्रदेश भुटान के साथ सीमा बनाता है l
भुटान की चीन देश के साथ सरहद ब्रुहद हिमालय कि टॉर्च के समान्तर है l भुटान के क्षेत्र पर दावा करता है l भुटान भारत के साथ 1949 की संधि अनुसार मैत्रीपूर्ण सबंध बनाता है l यह संधि कयमी शान्ति ओर मित्रता सुनिश्चित करती है l जो अंतर्गत भुटान कि सार्वभौमिकता तथा सरहद के रक्षण का अधिकार प्राप्त करती हैं l
यह अनुसार भारत के 1959 मे चीन का भुटान के क्षेत्र पर दावे का विरोध किया था l भुटान -चीन सरहद पर भारतीय सैनिक हमेशा के लिए रहेते है l
डोकलाम विवाद (2017):
डोकलाम भुटान चीन के बीच का एक विवादित की क्षेत्र है l जो भारत - भुटान -चीन त्रिभेट ट्राइजन्कशन के पास आया हुआ विस्तार है l 2017 मे चीन ने एकाएक से यह पर पहोन्च बढ़ाने के लिए रोड बनाना शुरू कर दिया l भुटान ने उसका विरोध किया परंतु चीनने उसकी अवगणना की l
जो चीनने आक्रमण किया तो भारत का पूर्वोतर राज्यो सिलिगुड्डी कोरिडोर चिकननेक कट्के भारत से अलग होने का डर के कारन भारत ने अपने हीतो को ध्यान मे रखते हुए भारत ने अपने सैनिक डोकलाम पर भेजे l
डोकलाम भुटान मे आया हुआ है चीन को यह पसंद न आया और भारत -चीन के सैनिक आमने सामने आ गये l और दोनों देशों के बीच तनाव शुरू हुआ l
भारत के आक्रमण विरोध तथा मक्कमता के कारण चीन ने सैनिक को वापस बुलालीया था l पे चीन यह क्षेत्र पर शान्ति के लिए तैयार हुआ तथा भारत ने डोकलाम क्षेत्र मे एक रणनीतिक जीत हासील की है l
सिलिगुडी कोरिडोर ( चिकन नेक ) :
पश्चिम बंगाल ने आया हुआ सिलिगुडी कोरिडोर लगभग 22km चौहडा सन्कडा जमीनी भाग है l यह कोरिडोर पूर्वी भारत के बाकी के राज्यो को भारत के साथ जोडता है l यह कोरिडोर दोनों ओर से बांग्लादेश ओर नेपाल से घिरा हुआ है l
भारत की दरियाइ सीमा :
मुख्यभूमि की 6100 km लन्बी दरियाइ सीमा से घिरा हुआ भारत तीनो बाजु से हिन्द महासागर से घेरा हुआ है l पूर्व मे बंगाल कि खाडी तथा पश्चिम मे अरबसागर है l अंडमान निकोबार तथा लक्षद्वीप की समुद्री सीमा जोडे तो कुल दरियाइ सीमा 7516 km होती है l
भारत के 9 राज्योके पास तटीय सीमा है l पश्चिम तरफ़ गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश, ओडिशा ओर पश्चिम बंगाल तटीय सीमा है l
सबसे लन्बी दरियाइ सीमा गुजरात के पास है l 1600 km
जबकी आन्ध्रप्रदेश तथा तमिलनाडु के पास अनुक्रम मे दूसरे ओर तीसरे नंबर की तटीय सीमा है l
भारत का सबसे नजदीक पड़ोसी देश श्रीलंका के बाद इन्डोनेशिया सबसे नजदीकी दरियाइ पडोशी देश है l तमिलनाडु के कन्याकुमारी के पास अरब सागर, हिन्द महासागर ओर बंगाल की खाडी एसे तीन सागर का संगम स्थान है l
पाकिस्तान, माल्दीव, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाइलेन्ड, म्यान्मार ओर बांग्लादेश भारत के साथ दरियाइ सीमा बनाते है l जिस मे पाकिस्तान, म्यानमार, ओर बांग्लादेश भारत के साथ स्थलीय तथा दरीयाइ एसे दोनों सीमा बनाते हैं l भारत का गुजरात ओर पश्चिम बंगाल राज्यो आंतर राष्ट्रीय जमीन तथा दरियाइ दोनों प्रकार की सरहद बनाते हैं l
समुद्री तट रेखा के राज्यो ओर केन्द्र शासित प्रदेशों
भारत -श्रीलंका सीमा :
भारत ओर श्रीलंका एक सन्कडी पाल्क की सामुद्रिक धुनी (palk strait) के जरीए अलग हुए हैं l भारत का धनुषकोडी ( तमिलनाडु) ओर श्रीलंका का तजाइमनार से मात्र 29 km दुर है l
यह दोनों एडम ब्रीज द्वारा जोड़ा हुआ है l यहा उल्लेखनीय हे की mannaar का अखात ओर पाल्क की सामुद्रिक धूनी सेतु समुद्र जहाज नहेर के जरिए जोडा हुआ है l
दोनों देशों की दरीयाइ सीमा पाल्क कि सामुद्रिक धूनी में से पसार होती है l यह सीमा हमेशा शान्ति पूर्ण है l भुतकाल मे कुच बार कच्चीतेवु टापु के लिए विवाद हुआ था l
यह टापु तमिलनाडु तट से 16 km पाल्क की सामुद्रिक धूनी में है l परंतु 1974के करार अंतर्गत यह टापु श्रीलंका को देने मे आया है l दोनों देशों के बीच सरहद 1980 के दशक मे सक्रिय हुए थी l
भारत के स्थान का रणनीतिक महत्व :
हिन्द महासागर के उतर मे आया भारत वो पूर्व गोलार्ध के तमाम दीशा के तमाम वैपारीक मार्ग का केन्द्र है l भारत विस्तार, वसती, स्थान ओर आर्थिक संसाधनों के कारण भारत के आसपास के तटीय देशो मे सबके बडा प्रभाव वाला देश है l युरोप, आफ़्रिका, प्रश्चिम ऎशिया, पूर्व एशिया, जापान, ओस्ट्रेलिया, को जोडते तमाम हवाइ मार्ग भारत पर से पसार होता है l
